(ओ ! कनेर के फूल)
क्यों ? तुम्हें कोई चाहता नही,
गुलाब की तरह-------
ओ ! कनेर के फूल.
क्यों ? कोई रुपसी तुम्हें
अपने जुड़े मे जगह नही देती,
ओ ? कनेर के फूल.
क्यों ? किसी कब्र पे लोग,
तुम्हें चढ़ाते नही,
क्या ? उन मुर्दों को भी,
कुबूल नही तु-------
ओ ! कनेर के फूल.
क्यों ? कोई महसूस नही करता,
तेरा दर्द
क्यों ? तुम्हें सहलाने,प्यार देने
आता कोई माली------
ओ ! कनेर के फूल.
लिखते है शायर और कवि
सभी फूलो पे,
क्यो ? कोई शेर कोई कविता
तुमपे नही लिखता------
ओ ! कनेर के फूल.
क्यों ? तुम्हें कोई चाहता नही,
गुलाब की तरह-----
ओ ! कनेर के फूल.
@@@रचयिता---रंगनाथ द्विवेदी.
जज कालोनी,मियांपुर
जिला--जौनपुर 222002 (U.P.)
Mo.no.7800824758
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