Thursday, 27 June 2019

(ओ ! कनेर के फूल)

(ओ ! कनेर के फूल)

क्यों ? तुम्हें कोई चाहता नही,

गुलाब की तरह-------

ओ ! कनेर के फूल.

क्यों ? कोई रुपसी तुम्हें

अपने जुड़े मे जगह नही देती,

ओ ? कनेर के फूल.

क्यों ? किसी कब्र पे लोग,

तुम्हें चढ़ाते नही,

क्या ? उन मुर्दों को भी,

कुबूल नही तु-------

ओ ! कनेर के फूल.

क्यों ? कोई महसूस नही करता,

तेरा दर्द

क्यों ? तुम्हें सहलाने,प्यार देने

आता कोई माली------

ओ ! कनेर के फूल.

लिखते है शायर और कवि

सभी फूलो पे,

क्यो ? कोई शेर कोई कविता

तुमपे नही लिखता------

ओ ! कनेर के फूल.

क्यों ? तुम्हें कोई चाहता नही,

गुलाब की तरह-----

ओ ! कनेर के फूल.

@@@रचयिता---रंगनाथ द्विवेदी.

जज कालोनी,मियांपुर

जिला--जौनपुर 222002 (U.P.)

Mo.no.7800824758

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