Sunday, 13 February 2022

14 फरवरी यानी वेलेनटाइन-डे के उपलक्ष्य मे लिखा एक रोमांटिक हास्य-व्यंग्य--------------------
                      (इंण्डेन गैस है भाइ)
कुँवारो की खातिर------------
ये वेलेनटाइन-डे और 14 फरवरी है भाइ,
किसी शादीशुदा से पुछो तो मुँह लटकाये कहेगा,
कि खुशकिस्मत हो,
वरना हमारे हिस्से--------------
तो तीज और करवा चौथ है भाइ।
सच पुछो तो बिना निर्णय के,
ये टेंशन देने वाला--------
एक ट्वन्टी-ट्वन्टी का मैच है भाइ।
अच्छि बैटिंग,खराब बैटिंग कुछ नही
थर्ड इंम्पायर गया तेल लेने यानि ये----
बेइमानी से पकड़ा कैच है भाइ।
तुम रेस्टोरेन्ट जाओ डिनर करो,
गुलाब दो क्षमा है---------
यहाँ तो हिम्मत नही पड़ती व्याह के बाद से,
सच पुछो तो भाइ,
कि पत्नी कब गुर्राने लगे क्या पता?
यानि कि ये खत्म होने की कगार पे खड़ी,
एै "रंग" हमारे जिंदगी के किचन की-------
इंण्डेन गैस है भाइ।

@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर (उत्तर-प्रदेश)।
mo.no.-----7800824758

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