Sunday, 27 September 2020

लघुकथा----(नीम का दरख़्त )

लघुकथा----( नीम का दरख़्त)

अमजद अपने अब्बू के इंतकाल के बाद, अपनी अम्मी ख़ालिदा को गांव में अकेले व तन्हा रहने के लिए छोड़कर अपनी बेगम और बच्चों के साथ रहने के लिए शहर चला गया. लेकिन खालिदा भला कैसे अपने जिंदा रहते उस गांव व घर को छोड़ सकती थी. जिसके जर्रे-जर्रे में उसके शौहर की यादें बसी थी. 

ख़ालिदा को ख़ासकर दरवाज़े पर लगे उस नीम के दरख़्त से बेइंतहा मोहब्बत थी. जिसे अमजद के अब्बू ने अपने हाथों से लगाया था. वे ज़ब भी कभी खुद को बहुत तन्हा व अकेली महसूस करती थी,  तो घंटो उस नीम के दरख़्त से  ऐसे  बाते करती थी, जैसे वे कोई नीम का दरख़्त नहीं बल्कि, उसके पास अमजद के अब्बू खड़े हो.

एक बार ख़ालिदा ने अमजद से कहा भी था,  कि अमजद मेरे बेटे तू बेशक अपनी इस अम्मी को हज मत कराना, लेकिन बेटे मेरे जिंदा रहते तू कभी भी किसी से अपने अब्बू की इस नीम के  दरख़्त का सौदा मत करना. लेकिन शायद अमजद को अपने अम्मी ख़ालिदा की परवाह कहा थी, अगर होती तो उस दिन वे हरगिज उस नीम की दरखत का सौदा ना करता. जिसके लिए उसकी अम्मी ख़ालिदा ने उसे मना किया था. 

उस दिन ख़ालिदा ने पहली बार अपने कलेज़े पर पत्थर रखकर ना सिर्फ अमजद से लड़ पड़ी, बल्कि उसने यहां तलक कह दिया, कि जा !  चला जा!  मेरी नजरो के सामने से और आइंदा मेरे जिंदा रहते कभी भी तू  गांव मत आना और गर मेरी मौत भी हो जाये तो, तू मेरी  मिट्टी को हाथ भी मत लगाना.इसके बाद अमजद तीन दिन और गांव रहा लेकिन इस दरमिया उसने अपनी अम्मी से बात भी नही की. चौथे दिन वे बिना अपनी अम्मी से बात व सलाम किये, शहर चला गया, ऐसा पहली बार हुआ . 

ख़ालिदा अमजद की इस हरकत पर बहुत रोई , उसकी आँख तो आँख वे पाक आँचल तलक भीग गया,  जिसके साये तले सोने के लिए फरिश्ते तलक तड़पते है. लेकिन ये अमजद ना समझ सका.


इसके बाद फिर अमजद तभी गांव लौटा ज़ब उसके गांव वालों ने उसे फोन से ये बताया कि अमजद आज सुबह तुम्हारी अम्मी ख़ालिदा का इंतकाल हो गया. ये सुनकर अमजद को एक शॉक सा लगा. वे तुरंत ही अपने गांव के लिए चल पड़ा और गांव पहुंचने पर  ज़ब अमजद की नजर अपनी अम्मी की लाश पर पड़ी,  तो उसने देखा की जैसे उसकी अम्मी ख़ालिदा आज नीम के  दरख़्त के  नीचे अब्बू के साथ बैठी कह रही हो, कि तू आ गया अमजद. 


यह लघुकथा मेरे द्वारा स्वलिखित व अप्रकाशित है.
 
लेखक--- रंगनाथ द्विवेदी 
जज कॉलोनी, मियांपुर 
जिला--जौनपुर 222002 ( उत्तर प्रदेश)
Mo. no. 7800824758

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