Rangnath Dubey's Poems
Monday, 31 January 2022
(नट की बिटियाँ)
कहां उसकी माँ ने उसके बाल सवाँरे,
कहां उसकी माँ ने बनाई उसकी चुटियाँ।
वे स्कूल के सामने की सड़क पे,
टिन बजाके करतब दिखाती रही,
फिर कटोरे के चंद सिक्के,
फटी झोली में भर आगे बढ़ गई-------
करतब दिखाने नट की बिटियाँ।
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