Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 20 August 2022
(मेरी किस्मत मे ये जागना आया)
उन्हे कहा कभी हमे चाहना आया-----
मेरी ख्व़ाहिशो को रौदा-------
बस उनकी समझ मे वासना आया।
मै घुटी बंद कमरे मे,वे चैन से सोये----
ऐ,रंग--मेरी किस्मत मे ये जागना आया।
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