Rangnath Dubey's Poems
Monday, 8 August 2022
(वंदे मातरम गाये)
शहीद की लाश को जब गाँव दफनाये,
तो वंदे मातरम गाये.
ना बीबी तोड़े चुड़ी,ना आँसू बहाये,
माँ भी हँसती हुई सबके,सामने आये,
ऐ,"रंग"--
इस शहीद की है आखिरी इच्छा,,
कि सरहद पे मेरा बेटा भी,
होके लहू-लूहान---
वंदे मातरम गाये.
वंदेमातरम वंदेमातरम।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment