Friday, 5 April 2019

(बसंती गेहूं काट रही है)

(बसंती गेहूं काट रही हैं)

ए.सी.कमरो मे बैठ के--


जो इतनी सुघर और स्मार्ट रही है,


वही बसंती चुनाव में आज कल---


गेहूँ काट रही है.


गजब है लोकतंत्र,


कि ना कालिया, ना शाम्बा


और नाही गब्बर का डर,


इतनी बेखौफ हो गई है बसंती,


कि अपने सर पे,


दुपट्टे रखने वाली औरत को,


बेरहमी से डांट रही है----


बसंती गेहूं काट रही है.


ये अच्छे दिन है,मोदी के


कि सिनेमा की ड्रीमगर्ल,


कृष्ण की मथुरा मे,


शौचालय के पर्चे बांट रही है---


बसंती गेहूं काट रही है.


@@@रचयिता---रंगनाथ द्विवेदी.


जज कालोनी, मियांपुर


जिला--जौनपुर,pin no.222002 (U P)


MP.n0.--7800824758


यह रचना मेरी स्वरचित व अप्रकाशित है।


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