Saturday, 18 December 2021

(इंतज़ार करके रोयी)
खुद को बाँहो में भरके रोयी,
वे तवायफ थी-------
हर रात सजके रोयी।
थिरके पाँव,टुटे घुँघरु ऐ,रंग-------
वे कितना इंतजार करके रोयी।

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