(पानी बचाते है)
तेरे इंतकाल पे आबे जमजम,
तो हमारी मौत पे-----------
गंगा का पानी पीलाते है।
तुम्हे जन्नत मिलती है,
तो हम भी स्वर्ग जाते है!
तो फिर क्यू हम नदियो और कुँओ,
के पानी को रुलाते है।
आओ तुम्हें एक इंकलाब की खातिर,
हम मंदिर और मंस्ज़िद से बुलाते है।
पानी को वालिद समझ के तुम बचाओ,
और हम भी पानी को ऐ,रंग------------
एक माँ की तरह बचाते है।
@@@सेब द वाटर।
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