सबकी भक्ति----------
सबकी श्रद्धा के है राम।
कौन कहता है कि---------
केवल अयोध्या के है राम।
जुठे बेर जाति की छोटी-----
शबरी जैसी वृद्धा के है राम।
उस पार उतरते नदिया से,
भव सागर पार कराने वाले,
कहते है कि स्वर्ग दिया मेरे वंशज को,
इसलिये तो दुनिया के----------
हर नाविक के है राम।
शापग्रस्त बरसो से पड़ी,
पथ में पत्थर सी एै"रंग" अहिल्या,
उसे तार के सिद्ध किया------
कि एैसी पिडित हर एक नारी के है राम।
सबकी भक्ति---------
सबकी श्रद्धा के है राम।
@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर।
mo.no.-----7800824758
आप सभी को रामनवमी की ढ़ेर सारी बधाई।
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