Thursday, 6 December 2018

जनेऊधारी पंण्डित का एग्जिट पोल

(ग्रहों पे किया गया एक अनुमानित एग्जिट पोल)
आईये सुनिये---------
इस जनेऊधारी पंडित का,
ग्रहों पे किया गया-------
एक अनुमानित एग्जिट पोल.
ग्रह-गोत्रोंं की दशा भी नही रही----
कही से काग्रेंस के पक्ष मे बोल.
राहू और शनि की साढ़े साती लग रही,
उनकी जीत की कुंडली मे जैसे,
कोई बड़ी डायन-------
हँस रही अपने मुँह खोल.
आईये सुनिये-------
इस जनेऊधारी पंडित का,
ग्रहों पे किया गया------
एक अनुमानित एग्जिट पोल.
सत्तासुख के सारे ग्रहो मे,
एक महा उथल-पुथल,
एक दावानल सा महा-अँधियारा,
स्पष्ट दिख रहा,
मै इसे चुनावी भोजपत्र पे लिख तो रहा हूं,
बड़े तनाव में हैं मेरे जनेऊ,
लेकिन निरुपाय-असहाय,
शायद एक बार फिर हताश हो काग्रेंस,
ये स्पष्ट कह रहा,
इस जनेऊधारी पंडित का,
ग्रहो पे किया गया------
एक अनुमानित एग्जिट पोल.

@@@रचयिता----रंगनाथ द्विवेदी.
जज कालोनी,मियाँपुर
जिला--जौनपुर pin no.222002 (उत्तर-प्रदेश)
Mo.no.7800824758

यह कविता मेरी स्वरचित व अप्रकाशित है.

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