Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 1 September 2021
(मेरी किस्मत मे ये जागना आया)
उन्हे कहा,
कभी हमे चाहना आया.
मेरी ख्व़ाहिशो को रौदा,
बस उनकी समझ मे,
वासना आया.
मै घुटी बंद कमरे मे,
वे चैन से सोये,
ऐ,रंग--
मेरी किस्मत मे ये जागना आया.
@@@ रंगनाथ द्विवेदी
जिला---जौनपुर, ( उत्तर प्रदेश)
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