तुम ठंड के मौसम में
पहाड़ों पर खिली हो,
लेकिन,
मेरे दिल में भी एक जाड़े का मौसम है,
जहां तुम हो और तुम्हारी खूबसूरती, है
आओ--------
मैं तुम्हें भी दिखाऊ
वे अल्हड़ सी
शर्माइ सकुचाई सी
फूलों के दुपट्टे से
बतियाती,
पहाड़ों की लड़की से
जो कोई और नहीं
बल्कि तुम हो
और तुम हो.
रंगनाथ द्विवेदी
जिला--जौनपुर, mo. no.7800824758
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