Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 3 June 2026
साइकिल पर व्यंग्य
साइकिल दिवस---एक दौर था जब साइकिल सुपर स्प्लेंडर हुआ करती थी,,जिन लोगों की शादी में साइकिल नहीं मिलती थी,,उनका मुंह "महीनों मेले के फटे हुए गुब्बारे की तरह दिखता था"😀😀😀😀
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