तुम
हमारे हिंदुत्व की कोढ़ हो
नीच हो,निकृष्ट हो
पतित और घृणित हो.
तुम्हारी वजह से राम की मर्यादा
अयोध्या में तार-तार हुई .
लोग हस रहे
शबरी की भक्ति
सीढ़ियों पर बैठी रो रही .
तुम पापी हो
उसकी आस्था के जूठे बेर
राम ने खाये थे
तुम
उसकी राम भक्ति की सीढ़ियों पर चढ़े
पहले अछूत और दलित हो.
तुमसे
और तुम्हारे संस्कार से श्रेष्ठ
रावण था
जिसने कुल उद्धार किया
लेकिन तुम कुलनाशी हो
किसी वैश्या के धंधे से उठी खांसी हो .
तुम पहले ऐसे शख्स हो
जिस पर मेरी
थूकने की इच्छा हो रही
लेकिन थूकूंगा नहीं
क्योंकि प्रभु श्री राम की अयोध्या
और सरयू पवित्र है.
लेकिन ओ मंदिर के दान
और उसके चढ़ावे के चोर,चंपत
मैं तुम्हारी लाश पर
कुछ कुत्तों को
पेशाब करते हुए
किसी जटायु की तरह देख रहा हूं
भगवान करे कि
तुम्हारी इस राष्ट्रीय दुर्गति से
लोग कुछ सीखे
और सरकार भी शिक्षित हो 😥😥
✍️✍️सादर क्षमा के साथ क्योंकि राम केवल हमारी आस्था का नाम मात्र ही नहीं बल्कि हमारा वह संस्कार हैं जो सृष्टि की आखिरी सांस की लाश के पीछे भी प्रतिध्वनित होगा कि "राम नाम सत्य है"🙏🙏
रंगनाथ द्विवेदी
जज कॉलोनी,मियाँपुर
जिला-जौनपुर 222002 (U P)
rangnathdubey90@gmail.com
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