Rangnath Dubey's Poems
Sunday, 7 June 2026
गुरुत्वाकर्षण
(गुरुत्वाकर्षण है)
उसकी खुबसुरती को
एक टक देखना,
मेरी बद्चलनी नही,
बल्कि ये
उसके तराशे हुये बदन का,
एै,रंग---
गुरुत्वाकर्षण है!
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment