Sunday, 18 July 2021

(मिट्टी मेरी मईयत के साथ रख देना)
हो सकता है एक पल ही सही---------
छत पे आये बेवफ़ा,
उसकी सड़क पे--------
कुछ देर मेरी लाश रख देना।
हो सकता है मै उसे मरके भी तकु,
मेरी लाश को वहा कुछ पल-------
खुली आँख रख देना।
उठा लेना थोड़ी सी उसके गली की मिट्टी,
और जब दफ्ऩ होने लगू,
तो एै,रंग---------यही मिट्टी 
मेरी मईयत के साथ रख देना।

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