Rangnath Dubey's Poems
Friday, 23 July 2021
(चूल्हा नही जलता)
तुम तो-----
बात-बात मे शहर जलाना जानते हो.
तुम्हारे पास---
तो कौमो को जलाने का ईधन है.
पर यहाँ फाकाकश़ी सोने नही देती,
पेट तो जलता है ऐ,रंग------
पर इस बस्ती में अक्सर चूल्हा नही जलता.
रंगनाथ द्विवेदी.
जौनपुर.
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