Thursday, 17 March 2022

(मज़हब हो के रह गई)

हर रात लहु -लुहान  सेज़ पे सोती है,,,
इसका शौहर----
इसकी ख्व़ाहिशो का कत्ल़ करता है.

ये मोहब्ब़त तलाशती है कतरा-कतरा,,,
वे मोहब्ब़त के लम्हो मे तकरिर करता है.

ऐ,रंग--वे यहाँ आई थी औरत होने-----
मज़हब होके रह गई.

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