Sunday, 20 March 2022

विश्व गौरैया दिवस

(गौरैया)
याद करो बचपन--------
वे फुदक के!चहक के!कितना बहलाती थी!
एक बेटे की तरह।
ऐ,रंग-------गौरैया
केवल हमारे छत की चिड़ियाँ नही,
आज रुठ गई!
जो कल हमारी माँ थी।

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