Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 22 March 2025
ज्ञानपीठ
मैंने महसूस किया है कि
जो आंखें साहित्यिक साजिश नहीं करती
उन्हें अक्सर बहुत देर से मिलता हैं
साहित्य में कुछ
चाहे वह पद्म श्री हो
या फिर ज्ञानपीठ .
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