Saturday, 22 March 2025

ज्ञानपीठ

मैंने महसूस किया है कि 
जो आंखें साहित्यिक साजिश नहीं करती 
उन्हें अक्सर बहुत देर से मिलता हैं 
साहित्य में कुछ 
चाहे वह पद्म श्री हो 
या फिर ज्ञानपीठ .

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