Rangnath Dubey's Poems
Saturday, 29 March 2025
(आनंद का किरदार छोड़ जाऊंगा)
(आनंद का किरदार छोड़ जाऊँगा)
मै ज़िदगी के थिऐटर को विरान छोड़ जाऊँगा,
फिर भी बाबु मोशाय!
मेरे साथ बीते हुये लम्हो की रिल------
कभी खत्म नही होगी!
क्योकि मै आपकी ज़ेहन मे-------
आनंद का किरदार छोड़ जाऊँगा।
विश्व रंगमंच दिवस.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment