Rangnath Dubey's Poems
Monday, 31 March 2025
गांव आया
ए शहर
जब से तू मेरे गांव आया
रधिया
अपने दुपट्टे वाले सीने से बेलिबास हो गई
लोग टुकुर टुकुर देखने लगे
उस जगह
जहा कभी नजर उठती ना थी
हाय!
ना जाने कब तेरे आने से
हमारे गांव की बहन बेटी
के पांव फिसले
गांव का भाई गलीज हुआ
ए शहर
जब से तू मेरे गांव आया.
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