Tuesday, 19 August 2025

पेट पढ़ना है

(पेट पढ़ना है)

अखबारे पढ़कर सो गया है शहर,
ऐ,"रंग"--
हमें तो अंधेरी रात में,
किसी वेश्या का,
पिचका हुआ पेट पढ़ना है.

No comments:

Post a Comment