Sunday, 31 August 2025

जिरह बाकी है

(जिरह बाकी है)
ऐ मेरी मोहब्बते जज---------
इतनी जल्दि कोई फैसला न दो,,,,,,,,,,
अभी दिल की अदालत मे-------
मेरी बेगुनाही का जिरह बाकी है।

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