2019 की लोकसभा चुनाव का-------
(एक्जिट पोल)
जैसा की सभी सर्वे मोदी को एक मर्तबा फिर सत्ता मे--"अगली सुनामी की तरह ही लौटता दिखा रहे है".अगर खुदा ना खास्ता इस एक्जिट पोल की सुनामी सच हुई तो मुझे ये कहते व लिखते हुये आश्चर्य नही कि--"मोदी अपने चिंतन की गुफा से बाहर तो आ जायेंगे लेकिन काग्रेंस व अपने-अपने राज्य की बड़ी पार्टियां अपनी हताशा की उस गुफा मे चला जायेगा, जहां से बाहर निकलने के लिये एक न खत्म होने वाली घड़ियों का इंतजार करना होगा". इस बोझिल इंतजार के बाद का प्रतिफल क्या होगा बाद की बात है ,लेकिन सभी चुनावी एक्जिट पोल इस समय भाजपा को अकेले सरकार बनाने की बहुमत का संदेशा दे रहा और पुरे N.D.A को 350 के कुछ कम या ज्यादा बता रहा,ये एक्जिट पोल---"औंधे मुंह गिरे तभी कुछ संभव है, ये आज की तारीख मे मुमकीन नही अगर ऐसा हुआ तो, ये भारत के लोकतंत्र मे हुऐ चमत्कारो मे से पहला चमत्कार होगा जिसके एक्जिट पोल को सदियां याद करेंगी". क्योंकि ऐसा एकाध नही बल्कि समस्त एक्जिट पोल कह रहे कि, रिटर्न आफ मोदी.
सातवे व अंतिम चरण के मतदान से पहले काग्रेंस ने अपने एक समर्थक से सत्ता मे मोदी को आने से रोकने के लिये राज्य की उन मजबूत पार्टियों से संपर्क साधना चालू कर दिया था,जो चुनाव से पहले ऐंठे-ऐंठे से थे.आज की काग्रेंस एक झुकी हुई, पूर्ण रुप से टूटी काग्रेंस है ,ये सभी पार्टियां भी बाखूबी जानती है.लेकिन काग्रेंस के साथ ही कमोबेश इनकी भी यही हालत है.इन सबो ने खासकर काग्रेंस ने इससे पार-पाने व उबरने के लिये एक मीटिंग आगे की रणनीति के लिये 23 को रखी थी,जिसे एक्जिट पोल ने इन्हें टालने के लिये विवश कर दिया, यानि एक्जिट पोल ने कुछ तो तुषारापात या वज्रपात इनपे कर ही दिया है.
भाजपा की जीत के चाणक्य या कौटिल्य कहे जाने वाले अमित शाह जैसे कुटनीतिकार आज की राजनीति मे एकलौते कहे जा सकते है.आज एक्जिट पोल का खाका जो चमकता या 23 मई को उदय होता दिख रहा है,वे इन्हीं अमित शाह के तहत हो पा रहा.अमित शाह की बुद्धि का माइनर इतना ससंक्त है कि इसे डिसफ्यूज करने के चक्कर में---"उन्ही के राज्य मे कई और सारे राजनीतिक माइनर फट जा रहे".बंगाल की ममता के समर्थकों का इस चुनाव मे नग्न नर्तन बहुत कुछ बताने के लिये पर्याप्त है.मोदी और शाह ने एक तरह से ममता के बंगाल को इतना शसक्त तरीकें से घेरा कि वे इसमें घिर गई,ममता का ये घिरापन ही एक्जिट पोल मे दिख रहा ये एक्जिट पोल अगर सच हुआ तो--" फिर ममता को बंगाल मे खुद को काग्रेंस हो जाने से रोकना होगा".
एक्जिट पोल ने 23 मई को आने वाले चुनाव परिणामों से पहले ही ये संकेत दे दिया है कि---"काग्रेंस के सत्ता की दुल्हन ने निमंत्रण बट जाने के बाद काग्रेंस से अपना विवाह न करने का एक घाती निर्णय ले लिया है,यानी काग्रेंस के राहुल को ये एक्जिट पोल उनके डबल कुवारे होने का सर्टिफिकेट देता दिख रहा".
23 मई तलक के लिये इति-सिद्धम् एक्जिट पोल.
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