नरेन्द्र मोदी की सत्ता मे पुनर्वापसी----------
(आवश्यकताओ का एक विशाल अग्निपथ)
सर्वप्रथम तो मै भारत के इतने बड़े और समृद्ध लोकतंत्र मे एक बार पुन: नरेन्द्र मोदी को पिछली बार से कही ज्यादा सीटे जीतकर आने और उनके प्रधानमंत्री बनने की बधाई देता हूं.अब दो टूक और स्पष्ट बात करते हुये अपनी लेखनी से मै उन तमाम मुद्दों व विसंगतियों की तरफ ध्यान आकृष्ट करना चाहुंगा जहां अब भी बहुत ज्यादा करने की इस मोदी सरकार से जन-अपेक्षा है, इस जन-अपेक्षा को पुरा करने के लिये मोदी के साथ ही उनकी कैबिनेट को भी खपना और तपना है. इस खपने और तपने के लिये सत्ता के नशे से इन सभी को दुर रहना होगा तभी सकुशल सबका साथ,सबका विकास हो पायेगा.
इस वृहद व ऐतिहासिक जीत के साथ ही तमाम बिसंगतियांं भी अपना विकराल मूँह बाये खड़ी है,बेशक अगली बार मोदी ने जाती,संप्रदाय व भाषा से ऊपर उठकर काम किया तभी ये प्रचंड बहुमत उन्हे व उनके किये गये कार्यो को मिला इसलिये ये विजय खैरात नही बल्कि उनके किये गये पिछली सरकार के कार्यो का प्रतिफल है,लेकिन इस प्रतिफल को बनाये रखने और आगे ले जाने के लिये नरेन्द्र मोदी को जन-आकांक्षाओं के अग्निपथ पे खरा उतरना होगा.
ये सत्य है कि किसी भी समृद्ध व विकासशील देश की महति-आवश्यकता है शिक्षा,स्वास्थ्य, सुरक्षा,रोजगार आदि .ऐसे ही कुछ कार्य है जिसे पुरा करना हर सरकार को अग्निपथ पे चलने के बराबर है,इधर कुछ एक सालो से मतदान का ट्रेड हमारे भारत मे तीव्रगति से बदला है. अब जनता अपने जनाधिकार से उसी सरकार का चयन कर रही है जो उनके मानको पे कुछ खरी उतर रही है,जो ऐसा नही कर रही उन्हें जनता खानदानी सीटो से पटखनी दे ससंम्मान उनकी हैसियत काग्रेंस के राहुल की तरह बता दे रही. बहुमत के साथ सत्ता देने पे आप ये विधवा-विलाप नही कर सकते की जनता ने आपको एक असहाय व लगड़ी सरकार दी थी. नरेन्द्र मोदी आज युवाओं के एंग्री यंग मैन है,तरक्की व उनके अथक श्रम ने आज देश ही नही विदेश मे भी भारत के आत्म-संम्मान का मस्तक ऊँचा किया है,सच तो ये है कि आज वे हर उम्र वय के लोगो के हिरो है. मै उसी हिरो यानी---"विजय दीनानाथ चौहान रुपी नरेन्द्र मोदी को भी इस विशाल व वृहद भारत की आवश्यकताओं के अग्निपथ पे विजय पानी होगी".आईये कुछ ऐसी ही आवश्यकताओ के अग्निपथ की तरफ हम इस चुनी सरकार से खरे उतरने की उम्मीद करे.
( 1) शिक्षा किसी भी विकसित या विकासशील देश की रीढ़ है जिसको लेके प्लेटो जैसे विद्वान ने कहा कि---"शिक्षा एक जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है" .सच ये है कि हमारे यहां की शिक्षा बड़ी बदहाल है,ये देश के कुछ समृद्ध व साफ्ट डकैतों के हाथ है,इसका ये आलम है कि विश्व के सौ कालेजों मे भारत के किसी कालेज का नाम न आना ये सरकार के आदेशों को भी अपने ठेंगे पे रखते है,इस हालात से बाहर सर्व-सुलभ व उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना इस सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है.
(2)स्वास्थ्य---भारत मे शिक्षा से कही ज्यादा बदहाल तो यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था है,एक रुपये की गोली सौ रुपये मे आराम से बेची जाती है दस हजार का इलाज एक लाख मे. और यही दस हजार का इलाज जब लाख मे परिणत होता है तो इनके चम-चमाते अस्पताल की सीढियों पे एक गरीब माँ अपने जवान बेटे की लाश के साथ निर्जीव सी एकटक अस्पताल को तकती है,इस माँ के बेटे के इलाज का सबसे कठीन अग्निपथ है,ये डाक्टर भगवान नही पैसो के हैवान है,सरकार को सरकारी कालेजों से पढ़े सभी डाक्टरों से कडाई के साथ सप्ताह मे एक दिन जनसेवा के तहत कार्य लेना होगा, इस कार्य मे कोताही या हिला-हवाली करने पे आम आदमियों के टेक्स से पढ़े ऐसे डाक्टरों की डिग्री अवैध कर दी जाये.
(3)सुरक्षा के कई चक्र है सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वे एक भयमुक्त समाज की श्री वृद्धि करे. महिला सुरक्षा लगभग हर चुनाव मे मुद्दा रहा लेकिन ये अभी भी कुछ एक को छोड़ मुद्दे के आगे बहुत बढ़ नही पाया.हालांकि इस सरकार ने सेना के संम्मान व इनके आयुधो पे बहुत कार्य किया.लेकिन आंतरिक अपराध के मामले आज भी विकराल है,चाहे वे बाल-अपराध हो या कोई अन्य अपराध. वैसे " एक कैंसर अपराध है नक्सलवाद" इसने देश-विरोधी अपराध से लेके हमारे तमाम सैनिकों के जानमाल का भी नुकसान किया है,इसका उन्मूलन एक चैलेंज है ये कठीन अग्निपथ है.
(4)रोजगार इतने बड़े देश मे सभी को रोजगार मुहैय्या करा पाना मुमकिन तो नही,लेकिन जरुरत है जिस स्तर का हूनर उस स्तर का रोजगार युवा व सभी को मिले भले चुनाव मे ये कहना कि---"रोजगार के लिये पकोड़े तले लेकिन ये चुनाव तलक ही ठीक था क्योंकि कि कोई अभिभावक लाखो का कर्ज ले अपने बेटे को महंगी व्यवसायिक डिग्री इसलिए नही दिलवाता की आगे चलकर उसका बेटा पकौड़े तले".अगर पकौड़े ही उसे अपने बेटे से तलवाना होता तो फिर क्या जरुरत थी उसे अपने बेटे को महंगी शिक्षा दिलवाने की .सरकार को समुचित और न्यायसंगत रोजगार, उपलब्ध कराना आंकडे के तहत नही बल्कि यथार्थ के तहत करना होगा,ये उम्मीद आज हर भारतीय नरेन्द्र मोदी से कर रहा.
(5)हमारे एक पूर्व-प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने एक नारा दिया था--"जय जवान और जय किसान का" ये नारा आज भी उतना ही प्रासंगिक है. किसान किसी भी अरबपति व उद्योगपति से ज्यादा पुज्य व श्रेष्ठ है.किसान को किसी कवि ने अपनी कविता मे "ग्राम्य देवता" कहा है.पिछली मोदी सरकार ने ये कार्य तो अवश्य किया कि---"बीना किसी भेदभाव के व किसी ब्लैकिये के खाद,पानी व विजली मुहैय्या कराई". लेकिन ये सरकार अगली बार सबसे ज्यादा आवारा पशुओं के मुद्दों पे घिरती दिखी ये मुद्दा यथार्थ भी था.किसान की आय दोगुनी हो ये इस देश की सबसे बड़ी खुशी होगी लेकिन आय के साथ ही सरकार को किसानों की फसलो को इन आवारा पशुओं से छुटकारा दिलाना होगा.
(6) इस बहुमत व जादुई आकडे के साथ चुनी सरकार को सभी के लिये स्वच्छ पीने का पानी मुहैय्या कराना बहुत आवश्यक है. जैसा की दुनिया के तमाम भूगर्भ जलवेत्ता कह रहे है कि---"तीसरा विश्व युद्ध पानी को लेकर होगा" अगर होगा तो ये अतिसयोक्ति न होगी क्योंकि हमारे यहा बहुत पहले ही पानी को महत्ता दी गई. तभी तो रहीम जैसे कवि ने कहा कि---
"रहिमन पानी राखिऐ, बीन पानी सब सून
पानी गये न उबरै मोती,मानुष, चून"
भारत जैसे वृहद देश मे भांति-भांति के प्रदेश व आवश्यकताये है किसी राज्य मे पानी की दयनीयता बड़ी भयावह है,इस मोदी सरकार से उम्मीद है स्वच्छ व पीने योग्य पानी मुहैय्या कराने की.
इसके साथ अन्य भी तमाम-तमाम आवश्यकताओ का अग्निपथ है अपने पड़ोसी देशो से संबंधों मे नीत सुधार का वैश्विक प्रयास भी मोदी सरकार को करना होगा.अटल बिहारी वाजपेयी जैसे कालजयी प्रधानमंत्री ने कहा भी कि---"हम अपना पड़ोसी नही बदल सकते".तेजी से गिरती अर्थव्यवस्था को कंट्रोल करना,धार्मिक व जातिगत द्वेश की खाई को पाटना.ये तमाम वे बिंदु है जिसपे--" इस ऐतिहासिक विजय नायक नरेन्द्र मोदी को कार्य करना है" और जनता के जनमत से लग रहा कि नरेन्द्र मोदी को अब ये रहते कायनात न भुलेगा,उन्हें विश्वास है की हमारा मोदी ये करेगा आजादी के कुछ एक प्रधानमंत्री हुये जिसे जनता ने अधिकार पुर्वक हमारा या अपना कहा,.ऐसे मे मोदी की जिम्मेदारी पहले से चौगुनी बढ़ जाती है ये जिम्मेदारी और आम-आदमी की आवश्यकताओ का विशाल अग्निपथ मोदी अवश्य पार करेंगे ये इस देश के जनता की उम्मीद है.
@@@लेखक---रंगनाथ द्विवेदी.
जज कालोनी, मियांपुर
जिला---जौनपुर 222002 (U.P.)
Mo.no.7800824758
यह लेख मेरा स्वलिखित व अप्रकाशित है.
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