Rangnath Dubey's Poems
Sunday, 12 June 2022
(पा गये बादल)
चमके-गरजे तुम छा गये बादल,,,,,,,,,,,,,,
किसी प्रेयसी के बुलावे पे--------
तुम आ गये बादल।
झुमो,इतराओ,मदमस्त हो पागल,,,,,,,,,,,,,,,
तुम कितनी आसानी से----------
उन्हे पा गये बादल।
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