Rangnath Dubey's Poems
Thursday, 2 June 2022
(चिखती निर्भया है)
इसकी आँखो मे ना कोई पानी,
और ना कोई हया है,
ए "रंग "---
"दिल्ली" वे बे-हया है.
जहाँ मिटती है श़कूर बस्ती,
और सड़को पे
चिखती निर्भया है.
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