Sunday, 3 July 2022

(कुरान देख रहे हो)
माहे रमज़ान में--------------
जो तुम बेगुनाहो का गला रेत रहे हो,
बताओ इन लाशो में-------------
तुम कौन सा इस्लाम देख रहे हो।
कल मस्जिदे शर्मिंदा थी,
गला भरा था अजा़न का,
जैसे इन लाशो मे हो हर कोई अपना,
सारे मुसलमान का,
मोहब्बत आयत है हमारे मज़हब की,
तुम उसपे ही किचड़ फेक रहे हो।
तुमने छिन कर बेटा,
अमीना को रुलाया है,
पुरी दुनिया के मुसलमानो-------
के मदिना को रुलाया है,
खाक हो जाओगे----------
तुम उसी पत्थर से,
जिस पत्थर को तुम------
माँ के आँचल की तरफ फेक रहे हो।
थू है तुमपे एै इस्लामीके स्टेट,
कभी न कुबूलेगा दुनिया का मुसलमान,
वे जानता है,रंग----------------
कि किस नज़र से तुम कुरान देख रहे हो।

###बाग्लादेश मे गला रेत कर आतंकियो के द्वारा मारे गये सभी बेगुनाहो को मेरी एक श्रद्धांजलि।

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