बड़े भैया के कहानियों की कई पुस्तक मैंने पढ़ी है,वे सारी पुस्तक केवल एक कहानी की पुस्तक ही नहीं बल्कि हमारे आपके कहानियों का लिखा हुआ एक ऐसा दस्तावेज है जिसके शब्द और भाव सभी अपने से लगते है.
आज हमारे देश में हिंदी साहित्य की कोई भी ऐसी पत्र-पत्रिका नहीं,जो बिना बड़े भैया के किसी कहानी को प्रकाशित किए हुए पुरी होती हो.ऐसे में अगर हम आप इनको या इनकी किसी कहानी को नहीं पढ़ पाते,तो यह एक तरह से हमारे आपके कहानी साहित्य का अधूरापन ही कहा जाएगा.
रश्मि प्रकाशन ने निश्चित ही इसे एक खूबसूरत कलेवर दिया है,इसके लिए मै रश्मि प्रकाशन की जितनी तारीफ करु कम है,,, धन्यवाद आपका बड़े भैया 🌹🌹🙏🙏
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