Monday, 11 July 2022

(गज़लो का बदन बेच दिया)

एक गरीब शायर को-
भूख ने कुछ इस कदर तोड़ा,,
कि ऐै "रंग"

उसने रोटी के लिये,,,,,
एक रईस को---
अपनी गज़लो का बदन बेच दिया.

No comments:

Post a Comment