तमिलनाडु का सारा आलम रो रहा,
उन आँसूओ के कतरे मे तेरी तस्वीर है अम्मा,
सच!तु बड़ी खुशनसीब और अमीर है अम्मा।
तुझे हर शख्स का कांधा नसीब हो रहा,
ये पूजा मे तेरी उम्र और अजान मे तेरी साँस मांग रहे थे,
सच तु इस दौर की जहाँगीर है अम्मा।
फिर लोग आयेंगे-जायेंगे----------
जारी रहेगा ये ज़मी का फ़नापन,
लेकिन तेरा जाना एक सदमा एक पीर है अम्मा।
उठ!हाथ हिला,बात कर,गरीब मुफ़लिसो से
अब भी इन्हे यकीन नही तेरी मौत का,
देख तुझे सुनने को आज--------------
तमिलनाडु मे कितनी भीड़ है अम्मा।
@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर।
mo.no.-----7800824758
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