Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 22 January 2025
(वंदे मातरम गाए)
(वंदे मातरम गाये)
शहीद की लाश को जब गाँव दफनाये,
तो वंदे मातरम गाये।
ना बीबी तोड़े चुड़ी,ना आँसू बहाये--
माँ भी हँसती हुई सबके सामने आये,
ऐ,रंग--इस शहीद की है आखिरी इच्छा,
सरहद पे मेरा बेटा भी-------
होके लहू-लुहान वंदे मातरम गाये।
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