Monday, 13 January 2025

(कथ्य)

✍️✍️जिस देश के समस्त दैनिक समाचार पत्र महज विज्ञापन के लिए अपने समाचार पत्रों से😥😥 "साहित्य पृष्ठ काट देते हो उस देश में हम साहित्य के जीवित रहने की परिकल्पना नही कर सकतें"🙏🙏

No comments:

Post a Comment