Rangnath Dubey's Poems
Monday, 13 January 2025
(कथ्य)
✍️✍️जिस देश के समस्त दैनिक समाचार पत्र महज विज्ञापन के लिए अपने समाचार पत्रों से😥😥 "साहित्य पृष्ठ काट देते हो उस देश में हम साहित्य के जीवित रहने की परिकल्पना नही कर सकतें"🙏🙏
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment