Tuesday, 2 September 2025

मर्सिया लिखना है

(मरसिया लिखना है)
अभी तो बस यादो के चराग जले है---
ऐ,रंग----अभी तो हमे सारी रात------
उस बेवफा पे मरसिया लिखना है।

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