Saturday, 20 September 2025

रचना

आज भी मुझे 
उसे प्रेम पत्र लिखने की इच्छा होती है,
सोचता हूं कि उसके 
उसी पुराने पते पर भेजूं
लेकिन पता नही कि वह 
अब वहा 
अपने पुराने पते पर 
रहती भी है की नही 
फिर पढ़ेगी कैसे 
उसका पति होगा 
घर होगा,बच्चे होंगे 
अब तो उम्र भी 
उसकी चालीस के आस पास हो गई होगी 
क्या बिना चश्में के वह पढ़ पाएगी 
वैसे कॉलेज के दिनों में 
उसके लिखे दो तीन प्रेम पत्र अब भी 
मेरी दराज में हैं 
इसे भी अब तलक मैं फाड़ के फेक चुका होता 
लेकिन

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