Saturday, 24 October 2020

(वन्देमातरम् कहना दिये)

इस दिवाली तू, शहीद के घर,
फक्र से जलना दिये.
ना रोना उसकी शहादत पे,
कसम है, तुम्हें
हर छत के दिये से,
जन-गण-मन ,
और वन्देमातरम् कहना दिये.

@रंगनाथ द्विवेदी.

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