Rangnath Dubey's Poems
Monday, 14 June 2021
( पांव मे चप्पल देखना)
गंजा सर ---
दो- चार दांत गायब ,
मूंछों के बाल पके,
अपनी ----
ये स्मार्ट सी शकल देखना,
चली जायेगी बची-खुची भी
मेरा मशवरा है, दोस्त !!
उसकी खुबसूरती नहीं,
पहले ---
पांव मे चप्पल देखना.
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