Rangnath Dubey's Poems
Monday, 11 April 2022
(माँ की हथेली में)
किसी भी बिमारी मे-----
मै ठीक हो जाता था बहुत जल्द!
क्योकि ऐ,रंग------
दवाओ से कही ज्यादा था असर,
मेरी माँ की हथेली में।
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