Saturday, 18 February 2023

(सावधान!सामने चुनाव है)
सावधान!
सामने चुनाव है।
आपको अपना बताना------
इनका राजनीतिक दाव है!
सावधान !
सामने चुनाव है।
इतने दिन याद नही आये,
अब कहते है----------
ये इनके पुरखो का गाँव है!
सावधान!
सामने चुनाव है।
मुसहर बस्ती की दशा ज्यो की त्यो,
भूखो मरा बुनकर,
उसकी बेवा के सामने घड़ियाली आँसू,
कुछ करने के वादे--------
चेहरे पे ताव है!
सावधान!
सामने चुनाव है।
झोपड़ी की रोटी-चटनी छक रहे,
खाट पे बैठे हँस रहे-------
बढ़ा काका और काकी से इनका लगाव है!
सावधान!
सामने चुनाव है।
इनका चरित्र समझ से परे,
एै,रंग----ये लोकतंत्र की आड़ है,
वरना कोयल की कुक में-----
ये कौवो की काँव है!
सावधान!
सामने चुनाव है।
@@@रचयिता----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर----222002
mo.no.7800824758

धन्यवाद!दैनिक भारत संवाद के संपादक बड़े भईया अशोक सत्यवीर जी का जिन्होने आज के साहित्यिक परिशिष्ट मे मेरी कविता"सावधान!सामने चुनाव है"को अपना बहुमूल्य स्नेह दिया।

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