Saturday, 18 February 2023

(याद के हर एक बूर्ज़ पे बैठी हो)
जुदा कर लोगी हमसे ये हुस्ऩे बदन लेकिन,
तुम उड़ न सकोगी,मेरी मौत से पहले!
क्यूँकि तुम हमारी----------
याद के हर एक बूर्ज़ पे बैठी हो।

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