Sunday, 9 November 2025

मंटो भूखा है)

(मन्टो भूखा है)
उसका सारा सौन्दर्य बोध
फिका है।
वे "काली सलवार","सरकन्डो के पीछे"
की मजबुरी,
उसकी वेश्या-
दो दिनो से भुखी है,
और खुद हफ्तो से-
सदाअत-हसन-मन्टो भुखा है।
ऐ रंग,-आज रायल्टी लाखो मिलती है
उसकी किताबो के
पर हमे लगता है कि आज भी
सदाअत-हसन-मंटो भुखा है।

विशेष-पाकिस्तान का बहु-चर्चित कलमकार,जो अपने जिन्दा रहते बदनाम रहा,मुकदमे लड़ता रहा,भुखा रहा,उसकी कहानियो को अश्लील कहा।पर इसी दुनिया ने उसके मरणोपरान्त उसे विश्व साहित्यकार कहा।

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