Monday, 1 March 2021

(छोटे शहर का बैजु बाँवरा)
ऐ शोहरते तानसेन,ये तेरा ऐंठना कैसा?
देख लेना फिर हरा देगा तुम्हे--
किसी महफिल मे ऐ,रंग----
किसी छोटे शहर का बैजु बाँवरा।

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