Rangnath Dubey's Poems
Sunday, 28 March 2021
(शबरी के है राम)
सबकी भक्ति-------
सबकी श्रद्धा के है राम!
कौन कहता है कि केवल-----
अयोध्या के है राम.
ऐ,रंग--जुठे बेर जाती की छोटी,,,,,,
शबरी जैसी वृद्धा के है राम.
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