Sunday, 21 March 2021

कविता---( कविता बोलती है)

विश्व कविता दिवस पे आधारित एक कविता------------
                (कविता बोलती है)
जब दौर-----------
किसी मजलूम का क़त्ल करता है,
तब और तब--------
गूँगे शहर मे कविता बोलती है।
महिला दिवस के दिन रेप होता है,
और आकड़े-------
जब जख्म की खिल्ली उड़ाते है,
तब और तब----------
गूँगे शहर मे कविता बोलती है।
जब सियासत बंद कमरे मे,
मंदिर-मस्जिद और हिन्दू और मुसलमान,
को दंगे मे जलाने की बात करती है,
तब और तब,
इनके इस ईंधन के खिलाफ एै "रंग"-------
गूँगे शहर मे कविता बोलती है।

@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर---222002 (उत्तर-प्रदेश)।
mo.no.---7800824758

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