Friday, 22 November 2024

(रोटी)

(रोटी)

भूख-
एक टक देखती है,
तवे पे सिंकती हुई,रोटी।
गरीब जानता है-
इसका हुस्न,इसका गंध
ऐ रंग,-
कितनी खुबसुरत लगती है,
तवे पे पलटी हुई,रोटी।

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