Wednesday, 27 November 2024

(आसमानी किताब हो)

(आसमानी किताब हो)
खुद को जरा सलिके से रंखो----
ऐ पारा-ऐ-हूश्ऩ,,
तुम कोई मामूली शख्स़ियत नही---
मेरी ख्व़ाहिशो की आसमानी किताब हो।

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