Rangnath Dubey's Poems
Tuesday, 22 July 2025
(चूल्हा नहीं जलता)
(चूल्हा नही जलता)
तुम तो बात-बात मे शहर जलाना जानते हो------------------
तुम्हारे पास तो कौमो को जलाने का ईधन है।
पर यहाँ फाकाकश़ी सोने नही देती---
पेट तो जलता है ऐ,रंग--------
पर इस बस्ती में अक्सर चूल्हा नही जलता।
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