Rangnath Dubey's Poems
Wednesday, 16 July 2025
आर्केस्ट्रा पर नाचती रही
(आॅरकेस्टा पे नाचती रही)
मेकप से छिपा के अपने मासूम का दर्द,
एक माँ------------------
अर्धनग्न पुरी रात ऐ,रंग--------
आॅरकेस्टा पे नाचती रही।
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